बहुविकल्पीय प्रश्न (उत्तर सहित) - पृष्ठ 96
1. ‘अन्धी पीसे कुत्ते खायें’ इस लोकोक्ति का अर्थ है-
अंधे व्यक्तियों से दूसरे लाभ उठाते हैं।
अंधे असहाय होते हैं
अंधों के श्रम का लाभ और लोग उठाते हैं।
कुप्रबंध से वस्तु नष्ट होती है।
2. निम्न लोकोक्तियों में से ‘ओछा व्यक्ति अधिक इतराता है।’ यह भाव किस लोकोक्ति का हो सकता है?
उल्टा चोर कोतवाल को डांटे
ओछे की प्रीति बालू की भीत
ऊँची दुकान फीका पकवान
अधजल गगरी छलकत जाय
3. किस लोकोक्ति का अर्थ ‘बिना परिश्रम के सफलता नहीं मिलती’ होगा-
डूबते को तिनके का सहारा
जिन खोजा तिन पाइयाँ गहरे पानी पैठ
नौ दिन चले अढ़ाई कोस
बालू से रेत निकालना
4. ‘घाट-घाट का पानी पिये’ लोकोक्ति का अर्थ होगा-
हर काम का अनुभवी होना
बहुत चालाक होना
हर प्रकार के जल का स्वाद जानना
हर प्रकार के घाट से परिचित होना
5. ‘जिस हाँडी में खाना उसी में छेद करना’ कहावत का अर्थ है-
उपकार करने वाले को मूर्ख बनाना
विश्वासघात करना
अपना काम स्वयं बिगाड़ना
हाँडी में छेद करके भोजन करना
6. कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली-
ऊटपटांग बात करना
राजा और सामान्य व्यक्ति की तुलना
राजा भोज और गंगू तेली के बीच तुलना करने का प्रयास
आकाश-पाताल का अन्तर होना
7. आम के आम गुठलियों के दाम-
मनमानी करना
नकली वस्तु देना
दोहरा लाभ होना
बहुत चतुर व्यापारी बनना
8. राम नाम जपना, पराया माल अपना-
दान करना
सर्वज्ञ होना
दूसरों से सहानुभूति रखना
धोखे से धन जमा करना
9. घर आए नाग न पूजिए बामी पूजन जाए-
अवसर का लाभ न उठाना और बाद में उसके लिए परेशान रहना
कोरा दिखावा करना
वक्त पर काम न करना
पश्चाताप करना
10. दोनों हाथों में लड्डू होना-
पक्ष और विपक्षी दोनों से लाभ उठाना
चाहे कार्य सिद्ध हो या न हो, लाभ ही में रहना
इनमें से कोई नहीं
सब और लाभ ही लाभ होना
11. एक तो चोरी दूसरे सीना जोरी-
अपराध करके छिपाना
अपराध करके साफ मुकर जाना
अपराध करके उसे गलत न मानना
अपराधी होकर उल्टे अकड़ दिखाना
12. ‘खिसियानी बिल्ली खम्भा नोंचे’ लोकोक्ति का अर्थ है-
कायरतापूर्ण व्यवहार करना
किसी बात पर शर्मिंदा होकर क्रोध करना ।
अपने से बड़ों पर क्रोध करना ।
अपनी श्रम छिपाने के लिए व्यर्थ झुँझलाना
